ईटानगर, 11 दिसंबर अरूणाचल प्रदेश के एक सुदूर गांव में दशकों से रह रहे असम राइफल्स के पूर्व कर्मी द्वारा पंचायत चुनाव के लिए नामांकन पत्र भरने के खिलाफ शुक्रवार को एक छात्र संगठन के सदस्यों ने सरकारी कार्यालयों में आग लगा दी और एक थाने में तोड़फोड़ की। एक अधिकारी ने यह सूचना दी।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि चांगलांग जिले के विजयनगर में यह घटना घटी, इस गांव में असम राइफल्स के पूर्व कर्मी 1960 के दशक के प्रांरभ से रह रहे हैं। ये लोग वैसे तो मूल रूप से राज्य के बाहर के हैं लेकिन वे अब स्थानीय जनसंख्या में बहुसंख्यक हैं।
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अधिकारी ने बताया कि योबिन स्टूडेंट्स यूनियन की अगुवाई में करीब 400 लेागों ने पुलिस के अतिरिक्त सहायक आयुक्त (विशेष शाखा) के कार्यालयों, डाक घर में आग लगा दी तथा स्थानीय थाने में तोड़फोड़ की।
पुलिस के जनसंपर्क अधिकारी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि भीड़ ने नागरिक हेलीपैड को भी नुकसान पहुंचाया।
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वैसे किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
सिंह ने कहा, ‘‘ वे समीप के गांधीग्राम इलाके से आये। उनके हाथों में दाओस (धारदार हथियार), लाठियां, तीर-धनुष थे। उन्होंने अपनी मांगें तत्काल माने जाने की मांग करते हुए सरकारी संपत्तियों में आग लगा दी।’’
प्रदर्शनकारियों की मांगों में क्षेत्र में रह रहे असम राइफल्स के पूर्व कर्मियों को मिले चुनाव में भाग लेने के अधिकार को रद्द करना और उन्हें तत्काल वापस भेजा जाना शामिल थे।
सिंह ने कहा, ‘‘ स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है। चांगलांग के पुलिस अधीक्षक मिहिन गांबो की अगुवाई में करीब 30 पुलिसकर्मी क्षेत्र में कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए डेरा डाले हुए हैं तथा और पुलिस बल भेजे जा रहे हैं।’’
उन्होंने बताया कि तिराप, चांगलांग और लोंगडिंग क्षेत्र के उपमहानिरीक्षक किमे कामिंग को हेलीकॉप्टर से विजयनगर पहुंचाया गया जबकि पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) चुखू अपा के नेतृत्व में एक पुलिस दल रास्ते में है।
उन्होंने कहा, ‘‘ ये वरिष्ठ अधिकारी अगले कुछ दिनों तक विजयनगर में डेरा डालेंगे।’’
विजयनगर सड़क मार्ग से अन्य क्षेत्रों से नहीं जुड़ा है और वह तीन ओर से म्यामांर से घिरा है। इन क्षेत्रों में 55 फीसद जनसंख्या असम राइफल्स के सेवानिवृत कर्मियों की है और बाकी लिसू लोग हैं जिन्हें योबिन जनजाति भी कहा जाता है।
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