देश की खबरें | मुस्लिम महिलाओं के गुजारा भत्ता पर अदालत के फैसले ने संविधान को पैदा हुए खतरे को खत्म किया: भाजपा

नयी दिल्ली, 10 जुलाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को मुस्लिम महिलाओं के लिये गुजारा भत्ता अधिकार की पुष्टि करने वाले उच्चतम न्यायालय के निर्णय की सराहना की। इसके साथ ही पार्टी ने कहा कि कांग्रेस की एक पूर्ववर्ती सरकार के फैसले से संविधान को पैदा हुआ खतरा न्यायालय के निर्णय से खत्म हो गया है।

भाजपा प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि तलाकशुदा मुस्लिम महिलाओं को गुजारा भत्ता देने के शीर्ष अदालत के फैसले को रद्द करने के लिए कानून बनाने का राजीव गांधी सरकार का फैसला संविधान के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक था क्योंकि उसमें शरिया व इस्लामी कानूनों को प्राथमिकता दी गई थी।

उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘जब भी कांग्रेस सत्ता में रही है, संविधान खतरे में रहा। यह (राजीव गांधी सरकार का) एक ऐसा निर्णय था जिसमें संविधान पर शरिया को प्रधानता दी गई। कांग्रेस सरकार के दौरान जिस संविधान को कुचला गया था, उसकी गरिमा इस आदेश से बहाल हुई है। फैसले ने संविधान के सामने पेश किए गए बड़े खतरों में से एक को खत्म कर दिया है।"

उच्चतम न्यायालय ने प्रसिद्ध शाह बानो मामले में 1985 में तलाक के बाद पति से गुजारा भत्ता के लिए उनकी याचिका को अनुमति दे दी थी। हालांकि, तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने रूढ़िवादी मुस्लिम समूहों के विरोध के बाद फैसले को रद्द करने के लिए संसद में कानून पारित किया।

त्रिवेदी ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने अब मुस्लिम महिलाओं को बड़ी राहत दी है और इसे धर्म के मामले से परे देखा जाना चाहिए क्योंकि यह समान अधिकारों का मुद्दा है।

उन्होंने दावा किया कि दुनिया में कोई धर्मनिरपेक्ष देश नहीं है जहां हलाला, तीन तलाक और हज सब्सिडी जैसे शरिया प्रावधानों की अनुमति है और तत्कालीन सरकार ने एक कानून बनाकर भारत को आंशिक इस्लामिक राष्ट्र में बदल दिया था।

शीर्ष अदालत ने बुधवार को फैसला सुनाया कि कोई मुस्लिम महिला दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 125 के तहत अपने पति से गुजारा भत्ता मांग सकती है, जो सभी विवाहित महिलाओं पर लागू होता है, चाहे उनका धर्म कोई भी हो।

न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना और न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने स्पष्ट किया कि मुस्लिम महिला (तलाक पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 1986 को धर्मनिरपेक्ष कानून पर तरजीह नहीं मिलेगी।

न्यायमूर्ति नागरत्ना ने कहा, “हम इस प्रमुख निष्कर्ष के साथ आपराधिक अपील को खारिज कर रहे हैं कि धारा-125 सभी महिलाओं के संबंध में लागू होगी...।”

दोनों न्यायाधीशों ने अलग लेकिन समवर्ती आदेश दिए।

त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन द्वारा रूस के सर्वोच्च राजकीय सम्मान 'ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द अपोसल' से सम्मानित किया जाना गर्व और संतोष की बात है।

मोदी के नेतृत्व और वैश्विक प्रतिष्ठा की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि फ्रांस, मिस्र, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात सहित कई देशों ने उन्हें अपना सर्वोच्च सम्मान दिया है।

भाजपा नेता ने उल्लेख किया कि उन्होंने अमेरिकी कांग्रेस के संयुक्त सत्र को दो बार संबोधित किया है और अमेरिका ने दोहराया है कि भारत उसका रणनीतिक सहयोगी है जबकि रूस ने उन्हें अपने सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया है।

त्रिवेदी ने कहा कि देश के किसी भी नेता को उनके जैसी प्रतिष्ठा हासिल नहीं है।

कांग्रेस की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपनी ‘सीडब्ल्यूसी’ की बैठक में इजराइल और आतंकवादी समूह हमास के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद फलस्तीन के समर्थन में प्रस्ताव पारित किया था।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि क्या रूस-यूक्रेन मुद्दे पर कोई प्रस्ताव है। कितने अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर सीडब्ल्यूसी (कांग्रेस कार्य समिति) ने प्रस्ताव पारित किया है।’’

उन्होंने कहा कि विपक्षी पार्टी को विदेशी मुद्दों पर स्वार्थ की राजनीति नहीं करनी चाहिए।

बढ़ती जनसंख्या के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और सभी दलों को दलगत भावना से ऊपर उठकर इस पर विचार करना चाहिए।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जनसांख्यिकीय परिवर्तन कुछ के लिए चुनौती है और कुछ अन्य के लिए एक अवसर है। इस क्रम में उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में सबसे बड़ा अंतर असम के धुबरी में था जहां उसके उम्मीदवार रकीबुल हुसैन ने 10 लाख से अधिक मतों से जीत दर्ज की।

जम्मू एवं कश्मीर में आतंकवाद संबंधी घटनाओं और विपक्ष द्वारा भाजपा की आलोचना के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि सरकार सख्ती से काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के आने से पहले देश भर में आतंकवादी घटनाएं हो रही थीं। उन्होंने इस पूर्ववर्ती राज्य में मतदान प्रतिशत में हुई वृद्धि और घाटी में पर्यटकों की संख्या में हुई वृद्धि का हवाला देते हुए कहा कि वहां बदलाव हुआ है।

ब्रजेन्द्र

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