देश की खबरें | अदालत ने भारतीय कंपनी को जर्मन फर्म के वीबीएम निशान का इस्तेमाल करने से रोका

नयी दिल्ली, 28 सितंबर जर्मन चिकित्सा उपकरण विनिर्माता कंपनी वीबीएम मेडिजिनटेकनिक जीएमबीएच को उसके ‘वीबीएम’ निशान का दूसरी कंपनी द्वारा इस्तेमाल के विरूद्ध राहत प्रदान करते हुए दिल्ली उच्च न्यायालय ने उस फर्म का दावा खारिज कर दिया जो इस ‘आद्याक्षर’ का इस्तेमाल कर रही थी।

भारतीय कंपनी का दावा था कि ‘वीबीएम’ हिंदू त्रिदेव ‘विष्णु, ब्रह्मा और महेश’ के द्योतक हैं।

वीबीएम मेडिजिनटेकनिक के वाद पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति सी हरिशंकर ने कहा कि वादी एवं तीसरे पक्षों द्वारा विनिर्मित उपकरणों के वितरक के रूप में काम करते हुए प्रतिवादी ‘वीबीएम इंडिया कंपनी’ चला रहा है। अदालत ने कहा कि वह पवित्र त्रिदेव के बारे में प्रतिवादी का स्पष्टीकरण स्वीकार नहीं कर पायेगी।

अदालत ने कहा कि रिकार्ड में इस दलील के पक्ष में ऐसा कोई दस्तावेज नहीं है कि बचाव पक्ष ने ‘विष्णु ब्रह्मा महेश’ के लिए लघुरूप में वीबीएम की संकल्पना तैयार की। अदालत ने कहा कि उनके उपयोग से ग्राहकों में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती थी।

वादी के वकील ने इस आधार पर प्रतिवादी के दावे का विरोध किया कि त्रिदेव ‘विष्णु ब्रह्मा महेश’ नहीं बल्कि ‘ब्रह्मा विष्णु महेश’ है और ‘‘सर्जक, संरक्षक एवं विध्वंसक’’ के नाम इसी क्रम में लिये जाते हैं।

अपने अंतरिम आदेश में अदालत ने कहा कि इस वाद के लंबित निस्तारण तक प्रतिवादी को चिकित्सा उपकरण के सिलसिले में अपने कॉरपोरेट नाम के तौर पर वीबीएम का इस्तेमाल करने से रोका जाता है।

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