देश की खबरें | अदालत ने एमपीलैड कोष का ब्यौरा सार्वजनिक करने संबंधी सीआईसी के आदेश पर रोक लगायी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

दिल्ली, 22 दिसंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) के उन दो आदेशों पर रोक लगा दी जिनमें केंद्र को एमपीलैड योजना के तहत किए गए कार्यों के लाभार्थियों के नामों के साथ सांसद, निर्वाचन क्षेत्र सहित अन्य विवरण वेबसाइट पर प्रकाशित करने का निर्देश दिया गया था।

न्यायमूर्ति नवीन चावला ने सूचना आयोग के दो आदेशों को सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा दायर दो अलग अलग याचिकाओं पर रोक लगा दी।

केंद्र सरकार की ओर से वरिष्ठ वकील राहुल शर्मा और वकील सी के भट्ट ने ये याचिकाएं दायर कीं।

भट्ट ने कहा कि अदालत ने वीडियो कांफ्रेंस के बदले भौतिक रूप से मामले की सुनवाई की और आरटीआई आवेदकों को भी नोटिस जारी किया जिनके आवेदनों पर सूचना आयोग ने आदेश जारी किए थे।

अदालत ने आरटीआई आवेदकों को मंत्रालय की याचिकाओं पर अपना पक्ष रखने का कहा।

भट्ट ने यह भी पुष्टि की कि अदालत ने 16 सितंबर, 2018 और 16 अक्टूबर, 2018 के सीआईसी के आदेशों पर रोक लगा दी। आयोग ने उन आदेशों में मंत्रालय को एमपीलैड योजना के तहत कराए गए कार्यों का सांसद-वार, निर्वाचन क्षेत्र-वार विवरण देने का निर्देश दिया था।

इसके अलावा आयोग ने मंत्रालय को सांसद स्‍थानीय क्षेत्र विकास योजना कार्यक्रम (एमपीलैड) के ‘दुरूपयोग को रोकने के लिए कदम उठाने की सिफारिश की थी।

इस मामले में अगली सुनवाई 22 अप्रैल, 2021 को होगी।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)