जरुरी जानकारी | आयातित ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पर आईजीएसटी लगाने को अदालत में चुनौती

नयी दिल्ली, चार मई दिल्ली उच्च न्यायालय के समक्ष मंगलवार को एक याचिका दायर कर व्यक्तिगत उपयोग के लिए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के आयात पर एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) लगाए जाने को चुनौती दी गई है।

याचिका में कहा गया कि देश में कोविड-19 महामारी के दौरान आवश्यक उपकरण पहले ही कम हैं, लेकिन आईजीएसटी लेना सही नहीं है।

न्यायमूर्ति राजीव शकधर और न्यायमूर्ति तलवंत सिंह की पीठ ने कहा कि इस मुद्दे पर केंद्र के वकील से कुछ सवाल पूछने की जरूरत है और चूंकि सुनवाई में केंद्र सरकार का कोई प्रतिनिधि मौजूद नहीं था, इसलिए अदालत ने मामले को बुधवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।

कोविड-19 से पीड़ित 85 वर्षीय व्यक्ति द्वारा दायर इस याचिका में कहा गया कि उनके भतीजे ने उनके लिए एक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भेजा है, जो उनकी सेहत में सुधार के लिए अमेरिका से उपहार के रूप में आया है।

उन्होंने वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक मई की अधिसूचना को चुनौती दी कि व्यक्तिगत उपयोग के लिए आयात किए जाने वाले ऐसे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर पर 12 प्रतिशत की दर से आईजीएसटी लिया जाएगा, भले ही वे उपहार के रूप में आए हों।

याचिकाकर्ता के वकील सुधीर नंदराजोग ने कहा कि मंत्रालय द्वारा सोमवार को एक और अधिसूचना जारी की गई, जिसमें कहा गया कि अगर कोई इसे दान में दे रहा है, तो उसे आईजीएसटी से छूट दी गई है।

याचिका में कहा गया कि एक मई की अधिसूचना संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन है, क्योंकि इससे कोविड-19 महामारी के दौरान रोगियों के जीवन के अधिकार का उल्लंघन होता है।

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