देश की खबरें | न्यायालय ने कई आईबीसी प्रावधानों की वैधता को चुनौती देने वाली 390 से अधिक याचिकाओं पर सुनवाई शुरू की

नयी दिल्ली, सात नवंबर उच्चतम न्यायालय ने दिवाला एवं दिवालियापन संहिता (आईबीसी) के विभिन्न प्रावधानों को चुनौती देने वाली 391 याचिकाओं पर मंगलवार को सुनवाई शुरू की।

याचिकाएं इन दावों के बारे में हैं कि संबंधित प्रावधान दिवालियापन संबंधी कार्यवाही का सामना करने वाले लोगों के समानता के अधिकार जैसे मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं।

प्रधान न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जे बी पारदीवाला तथा न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पीठ ने दिन भर की सुनवाई के दौरान मुख्य याचिकाकर्ताओं में से एक की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और अन्य को सुना।

पीठ बुधवार को मामले में दलीलों पर सुनवाई जारी रखेगी।

इससे पहले, शीर्ष अदालत ने अलग-अलग तारीखों पर विभिन्न आधारों पर आईबीसी प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर नोटिस जारी किए थे। सुरेंद्र बी जीवराजका द्वारा दायर मुख्य याचिका सहित सभी 391 याचिकाओं को बाद में कानूनी मुद्दों पर एक आधिकारिक घोषणा के लिए एक साथ संलग्न कर दिया गया था।

वकील ऐनी मैथ्यू के माध्यम से आर शाह द्वारा दायर याचिका में संहिता की धाराओं- 95(1), 96(1), 97(5), 99(1), 99(2), 99(4), 99(5), 99(6) और 100 की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है।

ये प्रावधान किसी चूककर्ता फर्म या व्यक्तियों के खिलाफ दिवाला कार्यवाही के विभिन्न चरणों से संबंधित हैं।

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