देश की खबरें | आयोग ने परमबीर सिंह को बयान दर्ज कराने के लिए पेश होने को कहा

मुंबई, 25 नवंबर महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित एकल सदस्यीय आयोग ने बृहस्पतिवार को आईपीएस अधिकारी परमबीर सिंह को उसके सामने पेश होने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति के. यू. चांदीवाल आयोग ने कहा कि सिंह अगर पेश नहीं हुए तो उनके खिलाफ पहले जारी जमानती वारंट की तामील की जाएगी।

एक अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त, बृहस्पतिवार को मुंबई पुलिस की अपराध शाखा के सामने अपने खिलाफ दर्ज एक जबरन वसूली मामले में बयान दर्ज करने के लिए पेश हुए।

न्यायिक आयोग ने सिंह के वकील अनुकुल सेठ से पूछा कि सिंह उसके सामने कब पेश होंगे। सेठ ने कहा कि वह निर्देश लेंगे, लेकिन यह नहीं बताया कि सिंह मुंबई पहुंच गए हैं।

सिंह ने इस साल मार्च में देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार और आधिकारिक पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए थे, जब उन्हें उद्योगपति मुकेश अंबानी के आवास के पास एक एसयूवी मिलने के बाद मुंबई पुलिस आयुक्त पद से हटा दिया गया था। उक्त वाहन में विस्फोटक सामग्री मिली थी।

सिंह ने देशमुख पर आरोप लगाया कि उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मुंबई में रेस्तरां और बार से हर महीने 100 करोड़ रुपये एकत्र करने के लिए कहा था। राकांपा नेता देशमुख ने इस आरोप से इनकार किया है।

इन आरोपों की पड़ताल कर रहे जांच आयोग ने सिंह को अपना बयान दर्ज कराने के लिए पेश होने का निर्देश दिया था, लेकिन आईपीएस अधिकारी नहीं आए।

न्यायमूर्ति चांदीवाल ने बृहस्पतिवार को कहा, ‘‘जमानती वारंट अभी भी लागू है। आयोग के समक्ष परमबीर सिंह की पेशी सुनिश्चित करें या पुलिस को वारंट तामील करने का निर्देश दिया जाएगा।’’

न्यायमूर्ति चांदीवाल ने कहा, ‘‘अगर उनके खिलाफ जारी जमानती वारंट की तामील की जाती है तो यह हास्यास्पद स्थिति होगी।’’

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