देश की खबरें | छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री साय ने केंद्रीय वित्त आयोग से मांगा छत्तीसगढ़ के लिए विशेष अनुदान

रायपुर, 11 जुलाई छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय वित्त आयोग से छत्तीसगढ़ के लिए विशेष अनुदान की मांग की है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि साय ने छत्तीसगढ़ आए 16वें वित्त आयोग के साथ बैठक में राज्य की विशेष परिस्थितियों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ को विशेष अनुदान देने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ नवोदित राज्य है, जो जनजातीय बहुल, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों से घिरा और माओवाद प्रभावित है और उसे विकसित राज्यों की बराबरी में लाने के लिए अधिक वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता होगी।

अधिकारियों ने बताया कि बैठक में 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा, राज्य सरकार के मंत्री और अधिकारी मौजूद थे।

बैठक में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं, साथ ही माओवाद पर अंकुश लगाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘ इन क्षेत्रों में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण अधोसंरचना विकास के कार्यों में अतिरिक्त व्यय भार आता है। नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बिजली एवं पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए कार्य किए जा रहे हैं।’’

साय ने कहा कि यदि केंद्रीय वित्त आयोग राज्य को अधिक वित्तीय सहायता की अनुशंसा करता है, तो निश्चित ही पिछड़े इलाकों में लोकहित के कार्यों को बड़े पैमाने पर किया जा सकेगा।

उन्होंने कहा, ''देश तेजी से आर्थिक महाशक्ति बन रहा है और इसके लिए छत्तीसगढ़ भी पूरी मेहनत से काम कर रहा है। विकसित भारत के साथ ही विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण हम करेंगे।''

मुख्यमंत्री ने कहा, ''राज्य में कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण रेल, सड़क, दूरसंचार, ऊर्जा, सिंचाई की परियोजनाओं की लागत और समय-सीमा में वृद्धि के कारण हमें अतिरिक्त व्यय भार वहन करना पड़ रहा है। खनन गतिविधियों के कारण पर्यावरण को होने वाली क्षति और लोगों पर स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों से निपटने के लिए हमें अतिरिक्त धनराशि खर्च करनी पड़ रही है।''

साय ने कहा कि 2000 में छत्तीसगढ़ के गठन के समय मात्र 29,539 करोड़ रुपए की छोटी सी अर्थव्यवस्था के साथ इस राज्य ने शुरूआत की थी।

उन्होंने कहा, ‘‘2023-24 में राज्य पांच लाख नौ हजार करोड़ रुपए के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) के लक्ष्य को प्राप्त कर चुका है। आने वाले पांच वर्षों में हम जीएसडीपी को दोगुना करने के लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ रहे हैं।’’

मुख्यमंत्री ने मांग की कि ऐसी योजनाएं जिनका संचालन केन्द्र सरकार और राज्य सरकार के अंशदान से हो रहा है, उनमें केन्द्र सरकार से मिलने वाली राशि का अनुपात बढ़ाया जाए।

अधिकारियों ने बताया कि पनगढ़िया ने छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रगति की रफ्तार की प्रशंसा की और कहा कि राज्य में तेजी से प्रगति हो रही है। पनगढ़िया ने कहा, ‘‘छत्तीसगढ़ बहुत ही सुंदर राज्य है। विकसित भारत एवं विकसित छत्तीसगढ़ बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए विनिर्माण इकाइयों पर जोर देना होगा।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)