जरुरी जानकारी | केंद्र ने न्यायालय से कहा, शुद्ध उधारी सीमा पर विवाद सुलझाने के लिए केरल के साथ बातचीत को तैयार

नयी दिल्ली, 13 फरवरी केंद्र ने मंगलवार को उच्चतम न्यायालय से कहा कि वह राज्य के शुद्ध उधार लेने की सीमा पर विवाद सुलझाने के लिए केरल सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार है।

अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ को बताया कि भारत सरकार इस मुद्दे पर केरल के साथ बैठक करने के लिए सहमत है।

इससे पहले दिन में शीर्ष अदालत ने वेंकटरमणी से पूछा था कि क्या राज्य के वित्त सचिव केंद्रीय वित्त मंत्री से मिल सकते हैं और बातचीत के जरिए मुद्दे का समाधान कर सकते हैं।

वेंकटरमणी ने कहा, ''न्यायालय के सुझाव का सर्वोच्च सम्मान है। सरकार बैठक के लिए तैयार है। आइए इसे बिना किसी शर्त के आगे बढ़ाएं।''

केरल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि राज्य सरकार भी केंद्र के साथ बातचीत के लिए बुधवार को एक प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रीय राजधानी भेजने पर सहमत हो गई है।

पीठ ने कहा, ''हम राजकोषीय नीति के साथ छेड़छाड़ करने के लिए नहीं कह रहे हैं। हम यह भी जानते हैं कि आप (केंद्र) केवल एक राज्य के लिए फैसला नहीं कर सकते हैं। लेकिन, हम यह भी सोचते हैं कि संघ होने के नाते सौहार्द्रपूर्ण वातावरण देश के लिए अच्छा रहेगा।''

केरल सरकार ने न्यायालय में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि शुद्ध उधारी पर सीमा लगाकर केद्र ने राज्य के वित्त को विनियमित करने के उसके अधिकारों में हस्तक्षेप किया है।

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