देश की खबरें | केन्द्र की सऊदी अरब से हिंदू व्यक्ति के अवशेष लाने के लिए कानूनी कार्यवाही शुरू करने की योजना

नयी दिल्ली, आठ अप्रैल केन्द्र ने बृहस्पतिवार को दिल्ली उच्च न्यायालय को बताया कि सऊदी अरब में मुस्लिम रीति-रिवाज के मुताबिक दफनाए गए एक हिंदू भारतीय व्यक्ति के परिवार से ‘पॉवर ऑफ़ अटॉर्नी’ लेने की योजना है ताकि उसके अवशेष वापस भारत लाए जाने के लिए वहां कानूनी कार्यवाही शुरू की जा सके।

विदेश मंत्रालय की ओर से यह प्रतिवेदन न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह के समक्ष रखा गया।

न्यायमूर्ति सिंह ने पांच अप्रैल को सरकार से उपाय तलाशने को कहा था ताकि अवशेष वापस लाए जा सकें।

अदालत ने विदेश मंत्रालय से कहा था कि वह विदेशी जमीन से संबंधित वैकल्पिक कानूनी उपायों पर विचार करे।

बृहस्पतिवार को केन्द्र सरकार के स्थायी वकील रिपुदमन सिंह भारद्वाज ने अदालत को बताया कि सऊदी अरब सरकार के साथ पत्राचार चल रहा है और अवशेष वापस लाए जाने के संबंध में उसके विदेश मंत्रालय के साथ बैठकें भी निर्धारित हैं।

इस प्रतिवेदन पर संज्ञान लेते हुए अदालत ने कहा कि यदि 15 अप्रैल को मामले की अगली सुनवाई की तारीख तक कुछ नहीं होता है तो उसका इरादा मामले में मदद के लिए न्याय मित्र नियुक्त करने का है।

अदालत उस मामले की सुनवाई कर रही थी जिसमें एक हिंदू व्यक्ति के शव को मृत्यु प्रमाण-पत्र पर उसके धर्म के गलत अनुवाद की वजह से सऊदी अरब में मुस्लिम रस्मों के मुताबिक दफना दिया गया था। यह कथित तौर पर जेद्दाह में भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों की गलती की वजह से हुआ।

मृतक की पत्नी अंजू शर्मा अपने पति के अवशेष वापस भारत लाने के लिए जगह-जगह भटकी और फिर मार्च में उसने उच्च न्यायालय का रुख किया तथा विदेश मंत्रालय को यह निर्देश देने का अनुरोध किया कि वह अवशेष को कब्र से निकलवाकर समयबद्ध प्रक्रिया के तहत भारत वापस लाने के लिए कदम उठाए।

अदालत ने इससे पहले विदेश मंत्रालय से कहा था कि वह यहां सऊदी दूतावास के उप-प्रमुख से समन्वय कर अवशेष को कब्र से निकलवाकर वापस लाने की कोशिश करे।

अदालत ने सऊदी दूतावास के उप मिशन प्रमुख से भी अनुरोध किया था कि वह कोई समयसीमा हासिल करें जिसके तहत अवशेष को निकलवाकर भारत भेजने की प्रक्रिया पूरी की जाए।

संजीव कुमार (51) का सऊदी अरब में 24 जनवरी को दिल का दौरा पड़ने के कारण निधन हो गया था।

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