देश की खबरें | ब्रिक्स को सम्प्रभु समानता एवं क्षेत्रीय अखंडता की प्रतिबद्धता पर खरा उतरना चाहिए : जयशंकर

नयी दिल्ली, 19 मई विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्रिक्स समूह की डिजिटल बैठक में बृहस्पतिवार को कहा कि यूक्रेन संघर्ष के प्रभाव के कारण ऊर्जा, खाद्य एवं अन्य उत्पादों की लागत में तीव्र वृद्धि हुई तथा विकासशील देशों को ध्यान में रखते हुए इसे कम किया जाना चाहिए।

चीन, रूस एवं दो अन्य सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की मौजूदगी में जयशंकर ने यह भी कहा कि ब्रिक्स ने बार-बार संप्रभु समानता, क्षेत्रीय अखंडता, अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति सम्मान की पुष्टि की है तथा समूह को इन प्रतिबद्धताओं पर खरा उतरना चाहिए।

ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक में जयशंकर ने कहा कि आतंकवाद, विशेषकर सीमापार आतंकवाद को लेकर निश्चित रूप से कतई बर्दाश्त न करने का रुख दर्शाना चाहिए ।

गौरतलब है कि ब्रिक्स (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) पांच बड़े विकासशील देशों का समूह है जो 41 प्रतिशत वैश्विक आबादी, 24 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी तथा 16 प्रतिशत वैश्विक कारोबार का प्रतिनिधित्व करता है। इस बैठक की मेजबानी चीन ने की है।

विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, ‘‘यूक्रेन संघर्ष के प्रभाव के कारण ऊर्जा, खाद्य एवं अन्य उत्पादों की लागत में तेज वृद्धि हुई । विकासशील दुनिया के लिए इसे कम किया जाना चाहिए । ’’

उन्होंने कहा, ‘‘ ब्रिक्स ने बार-बार संप्रभु समानता, क्षेत्रीय अखंडता, अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति सम्मान की पुष्टि की । हमें इन प्रतिबद्धताओं पर खरा उतरना चाहिए ।’’

विदेश मंत्री जयशंकर की यह टिप्पणी ऐसे समय में काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है जब एक तरफ पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच सीमा विवाद लम्बा खींच रहा है तो दूसरी ओर यूक्रेन के खिलाफ रूस का सैन्य अभियान भी जारी है।

उन्होंने कहा, ‘‘ ब्रिक्स को आतंकवाद, विशेषकर सीमापार आतंकवाद को लेकर निश्चित रूप से कतई बर्दाश्त न करने का रुख दर्शाना चाहिए । वैश्विक एवं डिजिटल दुनिया विश्वास एवं पारदर्शिता उचित सम्मान देगा । ’’

विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि टिकाऊ विकास लक्ष्यों की दिशा में समग्र रूप से आगे बढ़ा जाना चाहिए ।

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