देश की खबरें | भाजपा ने प्रधानमंत्री के बारे में कांग्रेस का आरोप नकारा, दावा किया : मोदी सबके लिए करते हैं काम

नयी दिल्ली, 15 मई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने बुधवार को हिन्दू-मुसलमान की राजनीति ना करने वाली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उस टिप्पणी का सोमवार को यह कहते हुए बचाव किया कि उन्होंने बिना किसी भेदभाव के समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए काम किया है।

चुनाव प्रचार में कांग्रेस और उसके सहयोगियों द्वारा मोदी पर सांप्रदायिक राजनीति का आरोप लगाए जाने के बीच प्रधानमंत्री ने मंगलवार को न्यूज18 से कहा था कि अगर वह ‘हिंदू-मुस्लिम’ करते हैं तो वह सार्वजनिक जीवन के लिए उपयुक्त नहीं होंगे।

हालांकि, कांग्रेस ने आरोप लगाया कि ‘निवर्तमान प्रधानमंत्री’ का हिंदू-मुस्लिम राजनीति को छोड़कर कोई एजेंडा नहीं है क्योंकि ‘मोदी की गारंटी’ का उनका अभियान औंधे मुंह गिर गया है और ‘400 पार’ के दावे की हवा निकल गई है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि मोदी ने अपने समावेशी शासन से सांप्रदायिक तुष्टीकरण को खत्म कर दिया। उन्होंने कहा कि उनकी कई कल्याणकारी योजनाओं ने बिना किसी जाति, धर्म या क्षेत्रीय पूर्वाग्रह के सबसे गरीब लोगों को लाभान्वित किया है।

भाजपा नेता ने कहा कि मोदी के आलोचक भी इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि उनकी योजनाओं से सभी को फायदा हुआ है।

भाजपा प्रवक्ता आर पी सिंह ने दावा किया कि कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने मुसलमानों के लिए आरक्षण और पर्सनल लॉ को मजबूत करने के पक्ष में बोला है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के घोषणापत्र में पर्सनल लॉ को मजबूत करने का वादा किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया गया कि इसका मतलब शरिया के कुछ हिस्सों को लागू करना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद मुसलमानों के लिए आरक्षण के पक्षधर हैं।

सिंह ने कहा, ‘‘भाजपा का एजेंडा देश की उन्नति के लिए है।’’

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का घोषणापत्र स्वास्थ्य बीमा, आवास, जल एवं बिजली सुविधाओं का विस्तार करने और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए है जो समाज के सभी वर्गों के लिए है।

प्रधानमंत्री की आलोचना करते हुए कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री की यह बात झूठ है कि वह हिंदू- मुस्लिम की राजनीति नहीं करते।

उन्होंने यह दावा भी किया कि लोकसभा चुनाव के प्रचार अभियान के दौरान प्रधानमंत्री के पास हिंदू-मुस्लिम की राजनीति को छोड़कर कोई एजेंडा नहीं था।

रमेश ने 'एक्स' पर पोस्ट में कहा, ‘‘सारा देश भलीभांति जानता है कि निवर्तमान प्रधानमंत्री आदतन झूठ बोलते हैं और दो तरह की बातें उनकी प्रवृत्ति है। श्री मोदी का यह दावा कि वह हिंदू-मुस्लिम राजनीति नहीं करते, यह दर्शाता है कि वह झूठ बोलने में दिन प्रति दिन नयी गहराइयों तक गिरते जा रहे हैं।’’

उन्होंने दावा किया, "19 अप्रैल 2024 के बाद से यह सार्वजनिक सच है, एक ऐसा सच जिसे हमारी सामूहिक स्मृति से नहीं मिटाया जा सकता है, भले ही श्री मोदी अपनी निजी स्मृति से उसे मिटा दें कि प्रधानमंत्री ने खुलेआम और बेशर्मी से सांप्रदायिक , प्रतीकों और संकेतों का निरंतर उपयोग किया है।"

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