देश की खबरें | भारती किसान यूनियन-दोआबा ने 'दिल्ली चलो' मार्च को समर्थन दिया

फगवाड़ा (पंजाब), 12 फरवरी भारती किसान यूनियन (बीकेयू)-दोआबा ने 13 फरवरी को प्रस्तावित किसानों के 'दिल्ली चलो' मार्च का समर्थन करने की सोमवार को घोषणा की।

बीकेयू (दोआबा) संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) का हिस्सा है। एसकेएम ने अब निरस्त किए जा चुके कृषि कानूनों के खिलाफ 2020 के आंदोलन का नेतृत्व किया था लेकिन इस बार एसकेएम ने संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के ‘दिल्ली चलो’ आह्वान से स्वयं को दूर रखा है।

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा ने घोषणा की है कि फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) संबंधी कानून बनाने सहित कई मांगों को लेकर केंद्र पर दबाव बनाने के वास्ते 200 से अधिक किसान संगठन 13 फरवरी को दिल्ली तक मार्च करेंगे।

बीकेयू (दोआबा) के अध्यक्ष मनजीत सिंह राय ने सोमवार को कहा कि उनका संघ ‘दिल्ली चलो’ मार्च में शामिल होगा।

राय ने किसानों को राष्ट्रीय राजधानी तक मार्च करने से रोकने के लिए ‘‘हरियाणा सरकार द्वारा की गई ‘‘अप्रत्याशित सख्ती और लगाए गए भारी अवरोधकों का उचित जवाब’’ देने के लिए सभी किसान संगठनों से आंदोलन में शामिल होने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि यह ‘‘हमारे अस्तित्व, गरिमा और सम्मान’’ की लड़ाई है।

राय ने कहा कि यह घर पर बैठने का समय नहीं है, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली हरियाणा सरकार द्वारा दी गई चुनौतियों का सामना करने के लिए बाहर निकलने का समय है।

किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने विरोध को समर्थन देने के लिए राय का स्वागत किया। उन्होंने अन्य किसान संगठनों से भी आंदोलन में शामिल होने की अपील की।

उन्होंने कहा कि उन्हें यकीन है कि एसकेएम में शामिल अन्य किसान संगठन भी आंदोलन में शामिल होंगे क्योंकि इस आंदोलन का साझा मकसद है।

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