जरुरी जानकारी | मुद्रा योजना के तहत पिछले छह साल में बैंकों ने 15 लाख करोड़ रुपये के रिण को मंजूरी दी

नयी दिल्ली, सात अप्रैल वित्त मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि बैंकों और वित्तीय संस्थानों ने पिछले छह साल के दौरान मुद्रा योजना के तहत 28.68 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को 14.96 लाख करोड़ रुपये के कर्ज मंजूर किये।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 8 अप्रैल 2015 को देश में उद्यमिता को प्रोत्साहन देने के लिये प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) की शुरुआत की थी।

वित्त मंत्रालय का कहना है कि वह हाशिये पर पहुंचे सामाजिक आर्थिक रूप से पिछडे वर्ग को समर्थन देने और उसके वित्तीय समावेशन के लिये प्रतिबद्ध है।

मंत्रालय ने एक वक्तव्य में कहा है, ‘‘नये उद्यमियों से लेकर मेहनतकश किसानों तक सभी संबद्ध पखों की वित्तीय जरूरतों को विभिन्न पहलों के जरिये पूरा किया गया है। इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) की गई। इसके जरिये लाखों लोगों के सपनों को पूरा करने का मौका मिला है, साथ ही उन्हें स्वाभिमान और आजादी का भी एहसास हुआ है।’’

वक्तव्य में आगे कहा गया है कि 19 मार्च 2021 की स्थिति के अनुसार 2020- 21 में 4.20 लाख करोड़ पीएमएमवाई रिणों को मंजूरी दी गई और इसमें से 2.66 लाख करोड़ रुपये आवंटित किये गये।

इसमें कहा गया है कि प्रत्येक रिण का औसत आकार 52,000 रुपये रहा है। यह कर्ज विनिर्माण, व्यापार और सेवाओं के क्षेत्र में आय अर्जित करने की गतिविधियों के लिये दिया जाता है। इसके तहत रिणदाता संस्थानों द्वारा दस लाख रुपये तक का गारंटी मुक्त कर्ज दिया जाता है।

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