देश की खबरें | बच्चों को कोविड-19 से बचाने संबंधी परामर्श का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए : अदालत

मुंबई, 10 जून बंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र सरकार को बृहस्पतिवार को निर्देश दिया कि बच्चों को कोविड-19 से बचाने संबंधी परामर्श का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिए।

मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति जी एस कुलकर्णी की पीठ ने कहा कि राज्य सरकार को बड़ी आबादी, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों तक संदेश पहुंचाने के लिए क्षेत्रीय चैनलों पर यह प्रसारण करना चाहिए कि बच्चों को कोविड-19 से बचाने के लिए क्या किया जाना चाहिए और क्या नहीं किया जाना चाहिए।

पीठ ने यह निर्देश तब दिया जब महाराष्ट्र के महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोणी ने अदालत को सूचित किया कि राज्य सरकार ने बच्चों में कोविड-19 और संबंधित रोगों के मामलों से निपटने के लिए एक कार्यबल का गठन किया है।

कुंभकोणी ने कहा कि हाल में जिलों के अधिकारियों, स्वास्थ्य अधिकारियों और 65,000 आशा कर्मियों की वीडियो कॉन्फ्रेंस में लक्षणों, रोग रोकथाम के तरीकों, ऑक्सीमीटर के इस्तेमाल इत्यादि पर व्यापक चर्चा की गई।

अदालत ने उल्लेख किया कि बैठक में राज्य द्वारा की गई प्रस्तुति और बाद में परामर्श जारी करने का काम ‘‘अच्छी तरह किया गया’’ तथा इसलिए इसका व्यापक प्रचार-प्रसार किए जाने की आवश्यकता है।

उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘मराठी टीवी और समाचार चैनलों पर प्रसारण क्यों नहीं करते? माताओं, सभी पक्षों को शिक्षित करने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार कीजिए।’’

अदालत कोविड-19 प्रबंधन को लेकर दायर की गईं कई जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।

उच्च न्यायालय इन याचिकाओं पर 16 जून को सुनवाई जारी रखेगा।

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