चेन्नई की एक अदालत ने धनशोधन के मामले में एक व्यक्ति को सात साल की सजा सुनाई
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा कि चेन्नई की एक विशेष अदालत ने धनशोधन रोधी कानून के तहत एक व्यक्ति को दोषी ठहराते हुए उसे सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. मामला जालसाजी करके पैसे विदेश भेजने से जुड़ा है.
नयी दिल्ली, 3 नवंबर : प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुधवार को कहा कि चेन्नई की एक विशेष अदालत ने धनशोधन रोधी कानून के तहत एक व्यक्ति को दोषी ठहराते हुए उसे सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. मामला जालसाजी करके पैसे विदेश भेजने से जुड़ा है. अदालत ने के. लियाकत अली को एक करोड़ रुपये का जुर्माना देने या एक साल अतिरिक्त जेल में बिताने का भी आदेश दिया.
ईडी ने एक बयान में बताया कि सावधि (एफडी) के रूप में जमा 1,75,49,253 रुपये, ईडी के पास हैं, जिसे धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के न्यायनिर्णायक प्राधिकारी द्वारा अनंतिम रूप से संलग्न किया गया और उसकी पुष्टि की गई. यह भी पढ़ें : COVID-19 Vaccination Campaign: कोविड-19 रोधी टीकाकरण अभियान को घर-घर ले जाना होगा: प्रधानमंत्री मोदी
बयान में कहा गया कि दोषी व्यक्ति उस गिरोह का सदस्य था जिन्हें एक-दूसरे के बारे में कुछ नहीं पता था. ये सभी लोग जालसाजी करके विदेश में पैसे भेजते थे. ईडी ने चेन्नई पुलिस की केन्द्रीय अपराध शाखा की प्राथमिकी का संज्ञान लेते हुए, पीएमएलए के तहत मामला दर्ज करने के बाद अली को 2017 में गिरफ्तार किया था.
(The above story first appeared on LatestLY on Nov 03, 2021 03:27 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

