देश की खबरें | निजी अस्पतालों में कोविड-19 इलाज के लिए अत्यधिक शुल्क वसूले जाने पर 57 प्रतिशत लोग चिंतित: सर्वेक्षण
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नयी दिल्ली, 30 मई एक सर्वेक्षण के अनुसार लगभग 57 प्रतिशत लोगों ने निजी अस्पतालों में कोविड-19 के उपचार के लिए अत्यधिक शुल्क लिये जाने के बारे में चिंता व्यक्त की जबकि 46 प्रतिशत लोगों में सरकारी ‍‍अस्पतालों में दोबारा संक्रमण को लेकर डर हैं।

सोशल मीडिया मंच ‘लोकल सर्किल्स’ द्वारा किए गए सर्वेक्षण में कोविड-19 उपचार के लिए सरकारी और निजी अस्पतालों को लेकर जनता की धारणा से जुड़े पांच सवालों पर लगभग 40,000 जवाब मिले।

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सर्वेक्षण के अनुसार 61 प्रतिशत प्रतिभागी चाहते हैं कि सरकार मूल्य सीमा तय करे या निजी अस्पतालों में कोरोना वायरस के उपचार से संबंधित कमरे के शुल्क का मानकीकरण करे।

इसके अनुसार 46 प्रतिशत लोगों ने अस्पतालों में भीड़ और संक्रमण की रोकथाम के वास्ते नियंत्रण मानकों का ठीक से पालन नहीं किये जाने के कारण संक्रमण की चपेट में आने को लेकर चिंता जताई जबकि 32 प्रतिशत ने पर्याप्त चिकित्सा बुनियादी ढांचे की कमी के मुद्दे को सामने रखा, जो देश में उपलब्ध कोविड-19 उपचार के बारे में उनकी बड़ी चिंता है।

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जब लोगों से पूछा गया कि यदि वे इस बीमारी से संक्रमित हो जाते हैं तो वे इलाज के लिए कहां जाना चाहेंगे तो 32 प्रतिशत प्रतिभागियों ने कहा कि वे निजी अस्पताल को प्राथमिकता देंगे।

सर्वेक्षण के अनुसार 22 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे सरकारी अस्पताल जाना चाहते हैं, 32 प्रतिशत लोगों ने कहा कि वे अस्पताल नहीं जाना चाहते हैं जबकि 14 प्रतिशत इसे लेकर अनिश्चित थे।

सर्वेक्षण के अनुसार, रेड जोन में कई लोगों ने निजी अस्पतालों में सीमित क्षमता और कोविड-19 उपचार के लिए सरकारी संस्थानों में दाखिले के लिए लंबे समय तक प्रतीक्षा करने पर चिंता व्यक्त की।

लोकल सर्किल्स के महाप्रबंधक अक्षय गुप्ता ने कहा, ‘‘32 प्रतिशत नागरिकों का कहना है कि वे घर पर रहकर ही इलाज कराना चाहेंगे और कोई आपात स्थिति नहीं होने तक वे अस्पताल नहीं जाना चाहते हैं।’’

निजी अस्पतालों में उपलब्ध कोविड-19 के इलाज पर 57 प्रतिशत लोगों का कहना है कि इन अस्पतालों में लिये जाने वाला अत्यधिक शुल्क उनकी चिंता का विषय है।

गुप्ता ने कहा कि सर्वेक्षण के नतीजों को केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को सौंपा जायेगा ताकि लोगों द्वारा उठाई गई चिंताओं के संबंध में कार्यवाही की जा सके।

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