देश की खबरें | कर्नाटक के चामराजनगर जिला अस्पताल में 24 मरीजों की मौत

बेंगलुरु, तीन मई कर्नाटक के चामराजनगर में कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी के चलते पिछले 24 घंटे में 24 मरीजों की मौत हो गई है। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों में कोविड-19 के 23 मरीज शामिल हैं।

सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और जांच अधिकारी के तौर पर आईएएस अधिकारी शिवयोगी कलसाड को नियुक्त किया है।

कांग्रेस ने घटना पर तीखी प्रतिक्रिया जताई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, ‘‘‘सिस्टम’ के जागने से पहले लोगों को और कितनी पीड़ा सहनी पड़ेगी?’’

चामराजनगर जिला अस्पताल में मातम पसरा हुआ है जहां खबर सुनने के बाद मृतकों के परिजन रोते-बिलखते नजर आए।

मृतकों के परिवारों ने अस्पताल में प्रदर्शन भी किया और आरोप लगाया कि यहां ऑक्सीजन की कमी थी । उन्होंने वहां नारेबाजी की।

चामराजनगर जिला प्रभारी मंत्री एस सुरेश कुमार ने कहा कि उन्होंने घटना में जिला प्रशासन से मौत की ऑडिट रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है।

वह इस बात पर कायम रहे कि सभी मौतें ऑक्सीजन की कमी की वजह से नहीं हुई हैं।

कुमार ने यहां संवाददाताओं से कहा, “यह कहना सही नहीं होगा कि सभी 24 मौत ऑक्सीजन की कमी की वजह से हुई हैं। ये मौतें रविवार सुबह से आज सुबह तक हुई हैं। ऑक्सीजन की कमी रविवार देर रात 12:30 बजे से 2:30 के बीच हुई थी।”

मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा ने भी जिला उपायुक्त से घटना के बारे में सूचना प्राप्त की है।

सुरेश कुमार ने कहा कि मौत की ऑडिट रिपोर्ट से पता चलेगा कि ये मरीज किस बीमारी से ग्रस्त थे, उन्हें कोई और गंभीर बीमारियां थी और उन्हें किस स्थिति में अस्पताल लाया गया था।

उन्होंने कहा, “जितने भी लोगों की मौत हुई है जरूरी नहीं कि सभी की मौत ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई हो।”

उन्होंने कहा कि 6,000 लीटर तरल चिकित्सीय ऑक्सीजन थी लेकिन ऑक्सीजन सिलेंडरों की जरूरत थी।

कुमार ने कहा, “ये सिलेंडर मैसुरु से आने वाले थे लेकिन कुछ समस्या हो गई।”

उन्होंने कहा कि उन्होंने यह स्थिति राज्य के मुख्य सचिव, मुख्यमंत्री के निजी सचिव और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक प्रताप रेड्डी को भी समझाई जो राज्य में ऑक्सीजन आपूर्ति के प्रभारी हैं।

कुमार ने कहा, “मैंने अधिकारियों को चामराजनगर जिले में ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए स्थायी समाधान खोजने को भी कहा है। मैसुरू में जरूर ही समस्या है लेकिन मैसुरु से चामराजनगर और मांड्या में ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित नहीं होनी चाहिए।”

मरीजों की मौत पर दुख व्यक्त करते हुए, मंत्री ने कहा कि वह स्थिति का जायजा लेने के लिए चामराजनगर जाएंगे।

मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने घटना के दोषी पाए गए लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की चेतावनी दी और घटना पर दुख व्यक्त किया।

येदियुरप्पा ने ट्वीट किया, ‘‘मैंने मामले की जांच के आदेश दिए हैं और जो कोई भी जिम्मेदार होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हम यह भी सुनिश्चित करेंगे कि इस तरह की घटना भविष्य में कभी नहीं हो।’’

कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘ये मौतें हैं या हत्या? इनके परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। ‘सिस्टम’ के जागने से पहले लोगों को और कितनी पीड़ा सहनी पड़ेगी?’’

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने कहा कि राज्य की सरकार सिर्फ प्रचार में व्यस्त है और किसी तरह की जिम्मेदारी नहीं ले रही है।

राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने इन मौतों की न्यायिक जांच की मांग की।

गौरतलब है कि आज की घटना से पहले मुंबई में मार्च में कोविड अस्पताल में लगी आग में नौ लोगों की मौत हो गई थी।

नासिक के सिविल अस्पताल में मुख्य ऑक्सीजन भंडार में गड़बड़ी आने के कारण ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित होने से 22 ऐसे रोगियों की दम घुटकर मौत हो गई थी जो या तो वेंटिलेटर पर थे या ऑक्सीजन सपोर्ट पर।

इसी तरह अप्रैल में महाराष्ट्र के पालघर जिले में एक निजी अस्पताल के गहन चिकित्सा कक्ष में आग लगने से कोरोना वायरस के 15 रोगियों की मौत हो गई थी।

दिल्ली में बत्रा अस्पताल में शनिवार को कथित तौर पर ऑक्सीजन की कमी के चलते एक वरिष्ठ चिकित्सक सहित कोविड-19 से पीड़ित 12 रोगियों की मौत हो गई।

आंध्रप्रदेश के विजयनगरम में पिछले हफ्ते ऑक्सीजन आपूर्ति में गड़बड़ी के कारण तीन लोगों की मौत हो गई थी।

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